Essay On Pollution in hindi पर्यावरण और प्रदूषण पर निबंध

Essay On Pollustion in hindi पर्यावरण और प्रदूषण पर निबंध

प्रस्तावना:-  पर्यावरण एक ऐसा सायकल हैं जिसमे की मानव जातियों का वर्ग होता हैं और उसी के अंदर अपना जीवन यापन करता हैं. इसी साइकल को ही हम पर्यावरण कहते हैं. जो पूरे जीवन भर चलता रहता हैं. इसी के अंदर मानव जा जन्म होता हैं और इसी के अंदर उसकी मृत्यु भी होती हैं यह सायकल ऐसे ही चलता रहता हैं, लेकिन अगर इस पर्यावरण को कुछ भी अहइ पहुचती हैं तो इसका परकॉफ भी देखने को मिलता है, जैसे की भूकंप का आना, भाड़ का आना, बहुत अधिक  बारिस होना ये तो प्राकृतिक आपदा होते हैं,

Essay On Pollustion in hindi - पर्यावरण और प्रदूषण

पर्यावरण में प्रदूषण एक बहुत बड़ी सम्सया हैं अगर पर्यावरण को कुछ भी होता है तो उसका परिणाम मनुसियो को घेलन पड़ता हैं, आज हमरा पर्यावरण भूरी तरह बिगड़ गया हैं, और इस पर्यावरण प्रदूषण के कारड हमरा जीवन अस्त वियत हो गया है, हमारे चारो ओर से अवार्ड जिससे हम गिरे हुए हैं पर्यावरण कहलाता हैं. जब पर्यावरण को कोई तत्व हानि पहुचाता हैं तो उससे प्रदूषण की सम्सया उत्पन होती हैं. हमरा प्राकृतिक संतुलन पर्यावरण पर ही निर्बर करता हैं. मानव और पर्यावरण का अटूट संबंध हैं अगर मनुष्य  चाहे तो अपने पर्यावरण को सुधर सकता हैं,

पर्यावरण प्रदूषण कैसे होता हैं.

पर्यावरण प्रदूषण के बहुत से कार्ड होते हैं लेकिन हम सिर्फ इसके मुख्य हिस्से को ही देखने वाले हैं.

जल प्रदूषण - जल ही जीवन हैं ये तो अपने सुना ही होगा लेकिन इसको प्रदूषण से नही सुरक्छित  किया गया तो हो सकता हैं की जल ही मृतु हो जाए, जल प्रदूषण मुख्य रूप से जल में मिलाये जाने वाले जहरीली केमिकल के मिलने से जल प्रदूषण की सम्सया उत्पन होती हैं.

वायु प्रदूषण - जब हवा में धूल के कार्ड मिलते हैं और उसको प्रदूषित करते हैं, जिससे की वायु प्रदूषण उत्पन होता हैं. वायु प्रदूषण बहुत जान लेवा होता हैं वायु हमारी जीवनी कहलती अगर उसको कुछ हो गया तो हमरा जीवन भी रुक से जाएगा.

ध्वनि प्रदूषण - मनुष्य को तो मीडियम में जो आवाज अति हैं जैसे की 40-60 डेसीबल की आवाज तो आसानी से सुन लेता हैं, लेकिन अगर वही आवाज 80-100 डेसीमल की होती हैं तो वह आवाज हमारे कामो में बहुत दुखते हैं. इसी सम्सया को ही ध्वनि प्रदूषण कहा गया हैं.

मृदा प्रदूषण - जब हमारे पृत्वी की जमीन पर कोई तत्व का प्रयोग किया जाता हैं. जैसे की परमाणु बाम , इसी के कारड हमारी पृत्वी की जामिन पर कृषि का कार्य नही किया जा सकता, क्योंकि उस जामिन पर परमाणु बूम का उपयोग किया गया हैं, इसी तरह के प्रयोग से अछि खासी मृदा समाप्त हो जाती है,

रेडियोधर्मी प्रदूषण - हजारो लाखो सालो से हमारी पृत्वी अस्तित्व में हैं और उन्ही हजारों लाखो सालो में इस पृत्वी की सतह बदलती रहती हैं. जब भी इसमे कोई रेडियोधर्मी तत्वों का अध्ययन करते हैं तो उसमे से निकलने वाले तत्व रेडियो धर्मी प्रदूषण की समस्सया को पैदा करते हैं.

उपसंहार - पर्यावरण की सम्सया को हल करना प्रत्येक व्यक्ति का नैतिक कर्तव्य होता हैं, हमारे पर्यावरण को सुरक्छित स्खना हमारे भविष्य और आने वाली पीढ़ी को सुरक्छा प्रदान करना होगा, इसी लिये हमे अपने आस-पास में पेड़-पवधा लगाना चाहिए. अगर आज हम पर्यावरण प्रदूषण की सम्सया के पति सचेत न हुए तो कल के भविष्य के लिये यह बहुत बाद खतरा बन जाएगा.

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